शीर्षक आपको एक शुरुआती अपेक्षा देता है, लेकिन वह पूरी रचना का विकल्प नहीं है। इस अभ्यास में शीर्षक से बनी धारणा को सुनने के बाद जाँचना है।
हिंदी में सुनें
रचना: हिंसा परमो धर्मः। लेखक: Premchand। वाचन: Arnav Darnal। अवधि: 00:20:55।
यह रिकॉर्डिंग संग्रह की एक अलग रचना है; यह पूरे बहुभाषी संग्रह का ऑडियो नहीं है। नीचे दिया अभ्यास BookAud ने अलग से तैयार किया है।
LibriVox की मूल सूची और रिकॉर्डिंग
सुनने की विधि
- पहले बिना नोट बनाए रचना का एक हिस्सा सुनिए।
- फिर नीचे दिया अभ्यास करते हुए दोबारा सुनिए।
- जहाँ जरूरत हो, रोककर समय-चिह्न लिखिए।
आज का अभ्यास
सुनने से पहले शीर्षक पर एक अनुमान लिखिए। फिर आरंभ, मध्य और अंत से एक-एक समय-चिह्न चुनिए।
अपनी समझ की जाँच
आपका पहला अनुमान कहाँ बदला? यदि नहीं बदला, तो कौन-सा अंश उसका समर्थन करता है?
उत्तर तैयार करने का संकेत
कथावाचक, पात्र और लेखक की आवाज़ को एक न मानें। किसी पात्र के कथन को पूरी रचना का सिद्धांत कहने से पहले संदर्भ जाँचिए।
अभ्यास का परिणाम
अंत में तीन से पाँच वाक्यों की टिप्पणी लिखिए। हर मुख्य बात के साथ रिकॉर्डिंग से एक समय-चिह्न जोड़िए। अपनी राय को पात्र के कथन या कथावाचक के वर्णन से अलग रखें। किसी अंश का अर्थ न समझ आए तो उसे प्रश्न के रूप में लिखिए; अनुमान को तथ्य न बनाइए।
श्रेय और स्रोत
लेखक: Premchand। पाठक: Arnav Darnal। प्रदाता: LibriVox। रिकॉर्डिंग में बदलाव नहीं किया गया है। स्रोत सूची में सार्वजनिक डोमेन का उल्लेख है; BookAud की अभ्यास-सामग्री अलग है।